छत्तीसगढ़

नालंदा लाइब्रेरी मॉडल से प्रभावित हुए डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, रीवा में खोलने का ऐलान

Shantanu Roy
18 March 2026 9:34 PM IST
नालंदा लाइब्रेरी मॉडल से प्रभावित हुए डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, रीवा में खोलने का ऐलान
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छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित नालंदा परिसर लाइब्रेरी का मॉडल अब दूसरे राज्यों के लिए भी प्रेरणा बनता जा रहा है। मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अपने छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान इस लाइब्रेरी का अवलोकन किया और इसकी व्यवस्था की सराहना की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लाइब्रेरी के फर्स्ट फ्लोर, सेकंड फ्लोर और टैरेस का जायजा लिया तथा यहां की पुस्तक वितरण प्रणाली, अध्ययन व्यवस्था और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। इस मॉडल से प्रभावित होकर उन्होंने मध्यप्रदेश के रीवा में भी इसी तर्ज पर लाइब्रेरी स्थापित करने की घोषणा की।
डिप्टी सीएम शुक्ल ने कहा कि कम शुल्क में विद्यार्थियों को बेहतर और व्यवस्थित अध्ययन का वातावरण उपलब्ध कराना एक सराहनीय पहल है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन को इस नवाचार के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की योजनाएं युवाओं को सही दिशा देती हैं और उनकी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग सुनिश्चित करती हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नालंदा लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं और कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर रहे हैं। ऐसे युवा देश और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस मौके पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। यहां 24×7 अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है, जिससे छात्र निरंतर तैयारी कर रहे हैं और यूपीएससी व सीजीपीएससी जैसी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इस लाइब्रेरी का निर्माण डीएमएफ फंड और अन्य सहयोग से किया गया है, जबकि इसका संचालन शुल्क और दानदाताओं के सहयोग से किया जा रहा है। राज्य में राजधानी सहित कुल 42 नालंदा लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना पर कार्य चल रहा है।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि लाइब्रेरी के सुचारु संचालन के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जिसके माध्यम से सभी लाइब्रेरियों को एकीकृत कर बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि यहां से हर वर्ष यूपीएससी और सीजीपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन हो रहा है। लाइब्रेरी में शुल्क भी छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखकर तय किया गया है, जहां बीपीएल वर्ग के विद्यार्थियों से 200 रुपये प्रति माह और सामान्य वर्ग से 500 रुपये प्रति माह लिया जाता है। इस अवसर पर निगम आयुक्त विश्वदीप, एडीएम उमाशंकर बंदे, जिला रोजगार अधिकारी केदार पटेल सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मॉडल प्रस्तुत कर रही है, बल्कि युवाओं के लिए सुलभ और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित हो रही है।
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